ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में अच्छे नंबरों का बहुत दबाव रहता है। ऑक्सफोर्ड, एडिनबर्ग, नॉटिंघम और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में विद्यार्थी इन दिनों स्टडी ड्रग्स खाकर परीक्षाएं दे रहे हैं। स्टडी ड्रग नींद भगाने वाली दवाएं होती हैं।

इन्हें खाकर विद्यार्थी घंटों तक पढ़ाई करते हैं। उन्हें नींद नहीं आती है। घंटों तक पढ़ने के बावजूद वे अपने आप को तरोताजा महसूस करते हैं। स्टडी ड्रग्स में सबसे ज्यादा मोडाफिनिल दवा का उपयोग क विद्यार्थी करते हैं। इन प्रतिबंधित ती दवाओं की बिक्री पर कोई रोक भी वे नहीं है। ये ब्रिटेन में किसी भी दवा स की दुकान पर आसानी से लगभग से 200 रुपए में मिल जाती है। लंबे

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ब्रिटेन में कुलपतियों के संगठन यूनिवर्सिटीज यूके का कहना है कि स्टडी ड्रग्स खाकर परीक्षा देने को अनुचित साधनों का उपयोग माना जाएगा। अगले साल से यूनिवर्सिटी कैंपस में स्टडी ड्रग्स के इस्तेमाल पर रोक के लिए विस्तृत गाइडलाइंस लागू की जाएगी।

समय तक इन दवाओं को खाने से साइड इफेक्ट भी सामने आते हैं। ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में हुए सर्वे में सामने आया कि लगभग 20 फीसदी विद्यार्थी इन स्टडी ड्रग्स को खाकर परीक्षाएं देते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि वैसे तो ये दवाएं आसानी से मिल जाती हैं लेकिन कुछ मामलों में डॉक्टर भी इसे लिखते हैं। एक विद्यार्थी इस स्टडी ड्रग्स को फिर आगे दूसरे विद्यार्थी डीडी वैष्णव | भिवाई को इसे दे देता है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. एंडर्स सैंडबर्ग का कहना है कि ऑनलाइन स्टोर्स से भी विद्यार्थी इन स्टडी ड्रग्स को मंगवा लेते हैं। ब्रिटेन सहित यूरोप के अन्य देशों में दवाओं के ऑनलाइन ऑर्डर पर डॉक्टर का परचा नहीं मांगा जाता है। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की प्रो. बारबरा का कहना है कि लाइब्रेरी में भी विद्यार्थी ये दवा एक्सचेंज करते हैं।

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